गेहूँ अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन पर एक दिवसीय प्रक्षेत्र दिवस आयोजित

        भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा द्वारा बागेश्वर के ग्राम पंचायत बैदीबगड में 19 अप्रैल 2017 को गेहूँ अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन पर एक दिवसीय प्रक्षेत्र दिवस का आयोजन किया गया जिसमें बैदीबगड, खौलसीर एवं सैंज गाँव  के 40 कृषकों ने भाग लिया। इन गाँवों के 69 कृषकों को गेहूँ की प्रजाति वी.एल. गेहूँ 907 व वी.एल. गेहूँ 953 के अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन हेतु चुना गया है। कार्यक्रम के दौरान संस्थान के प्रधान वैज्ञानिक व फसल सुधार विभाग के विभागाध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत ने संस्थान व कृषि विज्ञान केन्द्र काफलीगैर के वैज्ञानिकों एवं कृषकों के साथ उनके खेतों का भ्रमण किया। भ्रमण के दौरान कृषकों को गेहूँ की प्रजाति वी.एल. गेहूँ 907, वी.एल. गेहूँ 953 एवं अन्य गेहूँ की प्रजातियों की विशेषताओं पर जानकारी दी गयी। कृषकों द्वारा वी.एल. गेहूँ 907 व वी.एल. गेहूँ 953 की अच्छी पैदावार को देखते हुए इसे अगले वर्ष भी लगाने की इच्छा जताई गयी। इसके अलावा कुछ किसानों ने वी.एल.गेहूँ 907 व वी.एल.गेहूँ 953 का बीजोत्पादन करने हेतु भी रूचि दर्शाई। संस्थान के गेहूँ प्रजनक डा. लक्ष्मीकान्त ने कृषकों को वी.एल. गेहूँ 907 व वी.एल. गेहूँ 953 की विशेषताओं एवं बीजोत्पादन की विधियों, गेहूँ में आने वाली विभिन्न बिमारियों एवं उपचार से सम्बन्धित  जानकारी दी। कृषि विज्ञान केन्द्र काफलीगैर के प्रभारी कार्यक्रम समन्वयक डा. एन. के सिंह ने कृषकों को गेहूँ की नवीन प्रजाति अपनाने एवं बीजोत्पादन कर अधिक लाभ प्राप्त करने हेतु आहवाहन किया। कृषकों ने आशा जताई है कि इस वर्ष गेहूँ का रिकार्ड उत्पादन होगा। कृषकों ने विश्वास दिलाया वह गेहूँ की नवीन प्रजाति का बीज अन्य कृषकों को भी उपलब्ध करा कर लाभ उन तक पहुँचाएगें।

                                                               
    कार्यक्रम के दौरान बैदीबगड, खौलसीर एवं सैंज गाँव के ग्राम प्रधानों एवं अन्य कृषकों ने अपने विचार रखते हुए अन्य कृषि समस्याओं से अवगत कराया। कार्यक्रम का समन्वयन डा. रेनू जेठी एवं डा. हरीश चंद्र जोशी ने किया।