ग्रामीण खाद्य सम्प्रभुता समुह तारीखेत, पादप जीनोम संरक्षक समुदाय पुरस्कार 2014-15 से सम्मानित

 

    दिनाँक 19 अप्रैल, 2017 को श्री राधा मोहन सिंह, माननीय केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री, भारत सरकार द्वारा अनाज, दालें, बाजरा, तिलहन, सब्जियों और अन्य प्रजातियों की परंपरागत किस्मों के संरक्षण, सुधार और पुनरोद्धार के लिए ग्रामीण खाद्य सम्प्रभुता समुह ताड़ीखेत, अल्मोड़ा के उल्लेखनीय योगदान को ध्यान में रखते हुए समिति के प्रतिनिधियों को पादप जीनोम संरक्षक समुदाय पुरस्कार 2014-15 से सम्मानित करते हुए 10 लाख रूपये नकद, उद्धरण और स्मृति-चिन्ह प्रदान किया। यह समुह स्थानीय फसल आनुवांशिक संसाधनों के संरक्षण और स्थायी उपयोग में कार्यरत हैं जो कि खाद्य सम्प्रभुता और स्वदेशी खेती के लिए महत्वपूर्ण हैं। यह समुह उत्तराखण्ड की पहाड़ियों में फसल-पशुधन, लद्यु-स्तरीय मिश्रित वर्षा युक्त खेती के लिए आदर्श साइट का प्रतिनिधित्व करता है। यह पुरस्कार मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण, बिहार में चल रहे किसान कल्याण मेला सह किसान कुम्भ के दौरान प्रदान किया गया। भाकृअनुप-विवेकानन्द पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा के प्रधान वैज्ञानिक डा0 निर्मल चंद्रा द्वारा इस   सम्मान समारोह में प्रतिभाग किया गया।

 

 

विशेष रूप से कृषि जैवविविधता के विशिष्ट क्षेत्रों या हॉट-स्पॉट में पादप आनुवंशिक संसाधनों के संरक्षण और सुधार में कार्यरत किसानों के समुदायों विशेषतः आदिवासी और ग्रामीण समुदायों को सहायता प्रदान करने व पुरस्कार प्रदान करने के लिए पौधा किस्म और कृषक अधिकार संरक्षण प्राधिकरण द्वारा यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।